हम जिसे 'बुरा वक्त' कहते हैं वो वास्तव में 'बदलाव का वक्त' होता है जो हमें बदलने के लिए आता है । पर जब हम खुद को तो बदलते नही उलटा वक्त के बदलने का इंतजार मे करने लगते हैं तो वक्त वास्तव में बुरा होता जाता है।
बदल नही रहा अगर वक्त आपका
तो आप ही बदल जाएँ ।
लोग सम्भलतेँ हैं ठोकरोँ के बाद
आप पहले ही सम्भल जाएँ ॥