शुक्रवार, 9 नवंबर 2012

बात फिल्म और जिंदगी की

फिल्म को दर्शक बेहतर ढंग से देख और समझ सकें इसलिए शूटिंग के समय कैमरे को कभी ऊँचाइयों पे रखा जाता है तो कभी ज़मीन पर, कभी गतिमान तो कभी स्थिर। उसी प्रकार, हमारी जिंदगी में उतार-चढ़ाव और ठहराव इस लिए आते हैं कि हम जिंदगी को अच्छी तरह से समझ सकें।

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