मंगलवार, 16 अप्रैल 2013

बात कद्र और दिलचस्पी की

जिनको आप में दिलचस्पी है, उनकी कद्र कीजिये.
जिनको आपकी कद्र नहीं है, उनमें दिलचस्पी मत दिखाइये.
..............................ज्यादा खुश रहेंगे................................

शनिवार, 2 मार्च 2013

बात सोच और नजरिये की

किसी भी चीज को लेकर हमसब की सोच-समझ और नजरिये में कुछ न कुछ भिन्नताएँ होती है. हमसब को अपने से अलग सोच रखने वाले लोगों का नजरिया जरुर जानना और समझना चाहिए इस से हमारे खुद के नजरिये में व्यापकता आती है.

शनिवार, 5 जनवरी 2013

बात दिल और दिमाग की

जिन्दगी में कई ऐसे मौके आते हैं जब इन्सान समझ नहीं पता कि उसने सही किया या गलत, इन्सान जो कुछ भी करता है या तो वो दिमाग कि मानता है या फिर दिल की, जब वो दिल की मानता है तो दिमाग कहता है गलत जब वो दिमाग की करता है तो दिल कहता है गलत और ऐसा इसलिए होता है कि इन्सान के दिल और दिमाग एक दुसरे के विपरीत होता है।

दिल जानता है - प्यार, करूणा, दया, और ऐसी ही बहुत सी भावनाएं लेकिन दिमाग जानता है - बुद्धिमानी, चालाकी, चापलूसी, सही और गलत दिल होता सरल और दिमाग होता है जटिल |
दिल और दिमाग के बिच तारत्म्य बिठा के चलना ही जिंदगी है।